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न्यूज़ीलैंड में चुनावी रात खत्म: नेशनल और लेबर के बीच 0.1 अंक का फासला, किसी ने हार नहीं मानी
97% गिनती के बाद लक्सन कहते हैं कि नेशनल के पास सरकार बनाने का रास्ता है, जबकि हिपकिंस के मुताबिक अगली सरकार की शक्ल अभी साफ नहीं। ग्रीन्स और एक्ट ने रिकॉर्ड नतीजे दिए, बाकी फैसला स्पेशल वोट से होगा।

मुख्य बातें
- 97% गिनती के बाद पार्टी वोट में नेशनल 29.3% और लेबर 29.2% पर है।
- नेशनल, एक्ट और एनज़ेड फर्स्ट के दक्षिणपंथी गुट को 67 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि लेबर, ग्रीन्स, ते पाती माओरी और अपॉर्चुनिटी को 63।
- किसी नेता ने हार नहीं मानी। स्पेशल वोट और 27 नवंबर को आने वाला आधिकारिक नतीजा तय करेगा।
न्यूज़ीलैंड में चुनावी रात बिना किसी विजेता के खत्म हुई। 97% वोटों की गिनती के बाद प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन की नेशनल पार्टी को पार्टी वोट में 29.3% और क्रिस हिपकिंस की लेबर को 29.2% मिले हैं, यानी करीब दशमलव एक अंक का फासला। दोनों में से किसी ने हार नहीं मानी।
रात में समर्थकों से बात करते हुए लक्सन ने कहा: “आज रात न्यूज़ीलैंड ने वोट दिया है, और यह एमएमपी का खास नतीजा लगता है।” उन्होंने जोड़ा: “हमारे पास अगली सरकार बनाने का रास्ता है। नतीजा कहना मुश्किल है।” हिपकिंस ने कहा: “साफ है कि हमें अगली सरकार की सटीक शक्ल अभी पता नहीं चलेगी।” उन्होंने हार नहीं मानी।
सीटों का गणित
अब तक की गिनती पर नेशनल, एक्ट और एनज़ेड फर्स्ट के दक्षिणपंथी गुट को 67 सीटें मिलने का अनुमान है। लेबर, ग्रीन्स, ते पाती माओरी और नई अपॉर्चुनिटी पार्टी को मिलाकर 63। ओवरहैंग सीटों की वजह से संसद 130 सीटों की हो सकती है, तब बहुमत का आंकड़ा 66 होगा।
दो छोटी पार्टियों के लिए यह रात शानदार रही। ग्रीन्स को 13.3% मिले, जो उनका अब तक का सबसे अच्छा राष्ट्रीय नतीजा है, और एक्ट को 11%, यह भी रिकॉर्ड है। एनज़ेड फर्स्ट 9.8% पर है। अपॉर्चुनिटी करीब 6% के साथ 5% की सीमा पार कर गई है और सात सीटें जीतने जा रही है। संसद में यह उसकी पहली एंट्री है। ते पाती माओरी को पार्टी वोट में 0.6% मिले हैं, लेकिन अपनी चुनाव क्षेत्र वाली सीटों से उसके कम से कम चार सांसद लौटने की संभावना है।
आगे क्या
कई सीटों पर कांटे की टक्कर है। हैमिल्टन ईस्ट में नेशनल की बढ़त 456 वोट की थी और वेयरारापा में सिर्फ 69 वोट की। इन सीटों और कुल संतुलन में स्पेशल वोट जुड़ने पर बदलाव आएगा। विदेश से और अपने क्षेत्र के बाहर डाले गए स्पेशल वोट हाल के चुनावों में वामपंथी झुकाव वाली पार्टियों के पक्ष में जाते रहे हैं।
आधिकारिक नतीजा 27 नवंबर को आना है और गठबंधन की बातचीत उसके बाद भी चल सकती है। लक्सन अपॉर्चुनिटी के साथ काम करने से इनकार कर चुके हैं। पार्टी का कहना है कि वह पहले नेशनल से बात करेगी, पर तभी जब उसकी न्यूनतम शर्तें मानी जाएं। इस बीच सरकार पर कार्यवाहक सरकार की परंपराएं लागू रहेंगी।