दुनियापश्चिम एशिया
कतर बोला, अमेरिका-ईरान मध्यस्थता जारी; ट्रंप ने क़ेश्म द्वीप पर 'मामूली' हमलों की पुष्टि की
दोहा के प्रधानमंत्री ने उल्लेखनीय प्रगति की बात कही और समझौते का भरोसा जताया। एक दिन पहले होर्मुज जलडमरूमध्य के पास द्वीप पर मिसाइलें गिरी थीं।

मुख्य बातें
- कतर के प्रधानमंत्री ने कहा कि वाशिंगटन और तेहरान के बीच मध्यस्थता तनाव बढ़ने से रोकने के लिए जारी है और उल्लेखनीय प्रगति हुई है।
- राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क़ेश्म द्वीप पर "मामूली हमलों" की पुष्टि की, जिनमें एक विमानभेदी उपकरण नष्ट हुआ; ईरानी मीडिया ने दो मिसाइल हमले बताए।
- अमेरिकी मध्यावधि चुनाव के बाद ये पहले हमले हैं, जिनमें हार का दोष ट्रंप ने ईरान युद्ध पर डाला है।
कतर ने शनिवार को कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच उसकी मध्यस्थता जारी है, ताकि तनाव बड़े युद्ध में न बदले। एक दिन पहले होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरान के क़ेश्म द्वीप पर मिसाइलें गिरी थीं और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी हमलों की पुष्टि की थी।
कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी ने कहा कि मध्यावधि चुनाव के बाद भी अमेरिकी प्रशासन समाधान चाहता है। उन्होंने उल्लेखनीय प्रगति की बात कही और भरोसा जताया कि समझौता हो सकता है। उनके मुताबिक लक्ष्य एक बेहतरीन नहीं, बल्कि अच्छा समझौता है।
कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल-अंसारी ने वार्ता विफल होने की खबरों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि ऐसे दावे उन लोगों के काम आते हैं जो युद्ध को लंबा खींचना चाहते हैं।
क़ेश्म में क्या हुआ
ईरानी सरकारी मीडिया ने द्वीप के सूजा इलाके में दो मिसाइल हमलों की खबर दी। सरकारी प्रसारक ने दावा किया कि ईरान ने द्वीप के ऊपर एक अमेरिकी एमक्यू-9 ड्रोन मार गिराया। ट्रंप ने अमेरिकी कार्रवाई को “मामूली हमले” बताया, जिनमें एक विमानभेदी उपकरण नष्ट हुआ। उन्होंने कहा कि वाशिंगटन ईरानी प्रतिनिधियों के संपर्क में है और “काफी प्रगति” हुई है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने हालात को “अपेक्षाकृत शांत” बताया और इससे ज्यादा कुछ कहने से इनकार किया। उसने ईरान के परमाणु कार्यक्रम की जानकारी देने वाले को 2 करोड़ डॉलर तक के इनाम की घोषणा भी की।
दोनों पक्ष कहां खड़े हैं
ये हमले ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को मध्यावधि चुनाव में झटका लगने के बाद पहले हैं, जिसका दोष उन्होंने ईरान युद्ध पर डाला है। क्षेत्रीय देशों को आशंका थी कि वे चुनाव के बाद हमले फिर शुरू कर सकते हैं। ईरान ने कहा है कि हमला हुआ तो वह पड़ोसी देशों में अमेरिकी और इजरायली ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई करेगा।
ईरान ने अपनी सात दिन की योजना रखी है, जिसे ट्रंप ठुकरा चुके हैं। इसमें मांग है कि वाशिंगटन ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी हटाए, संपत्तियां मुक्त करे और होर्मुज में ईरान समर्थित मार्ग को मंजूरी दे, जिसके बाद जलमार्ग खुल जाएगा।