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दुनियाअमेरिकी मध्यावधि चुनाव

नॉर्थ कैरोलाइना में कूपर ने रिपब्लिकन सीट छीनी, सीनेट के शुरुआती नतीजों में डेमोक्रेट आगे

पूर्व गवर्नर रॉय कूपर ने रिपब्लिकन के कब्जे वाली सीनेट सीट जीती और क्रिस पपास ने न्यू हैम्पशायर बचाया। हाउस और सीनेट का नियंत्रण अभी तय नहीं।

संपादकीय डेस्क से · वॉशिंगटनप्रकाशित
नॉर्थ कैरोलाइना के पूर्व गवर्नर रॉय कूपर (फ़ाइल फ़ोटो)
नॉर्थ कैरोलाइना के पूर्व गवर्नर रॉय कूपर (फ़ाइल फ़ोटो)Photos: NetwonsBucket / Wikimedia Commons; Gage Skidmore from Surprise, AZ, United States of America / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0, CC BY-SA 2.0

मुख्य बातें

  1. रॉय कूपर ने माइकल व्हाटली को हराकर डेमोक्रेट्स को रात की पहली सीनेट सीट छीनकर दी।
  2. डेमोक्रेट्स ने जॉर्जिया, न्यू हैम्पशायर और इलिनॉय की सीटें भी बचाईं।
  3. सीनेट जीतने के लिए डेमोक्रेट्स को चार सीटों का शुद्ध फायदा चाहिए; किसी सदन का फैसला अभी नहीं।

डेमोक्रेट रॉय कूपर ने नॉर्थ कैरोलाइना की सीनेट सीट जीत ली है। उन्होंने यह सीट रिपब्लिकन पार्टी से छीनी है और इसी के साथ उनकी पार्टी को वह पहला फायदा मिल गया है जिसकी उसे जरूरत थी। मध्यावधि चुनाव की यह रात तय करेगी कि डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के आखिरी दो साल कांग्रेस किसके हाथ में रहेगी।

दो बार राज्य के गवर्नर रह चुके कूपर ने रिपब्लिकन माइकल व्हाटली को हराया। यह नतीजा अमेरिकी पूर्वी समय के मुताबिक रात साढ़े आठ बजे से ठीक पहले, यानी भारत में सुबह करीब सात बजे आया। इससे कुछ मिनट पहले क्रिस पपास ने न्यू हैम्पशायर की खुली सीट डेमोक्रेट्स के लिए बचा ली। उन्होंने रिपब्लिकन जॉन सनूनू को हराया। यह उन गिनी-चुनी डेमोक्रेटिक सीटों में थी जिन पर रिपब्लिकन जीत की उम्मीद लगाए बैठे थे।

डेमोक्रेट्स की साफ शुरुआत

सीनेट के शुरुआती नतीजे लगभग पूरी तरह एक ही तरफ गए हैं। जॉन ऑसॉफ ने जॉर्जिया में रिपब्लिकन सांसद माइक कॉलिन्स को हराया, जो रात का पहला बड़ा नतीजा था। मार्क वॉर्नर ने वर्जीनिया बचाया और जूलियाना स्ट्रैटन ने इलिनॉय की खुली सीट जीती। न्यू जर्सी में कोरी बुकर, डेलावेयर में क्रिस कून्स, रोड आइलैंड में जैक रीड और मैसाचुसेट्स में एड मार्की दोबारा चुने गए।

रिपब्लिकन ने वेस्ट वर्जीनिया बचाया, जहां शेली मूर कैपिटो ने डेमोक्रेट रेचल फेटी एंडरसन को हराया। इनमें से ज्यादातर नतीजे अपेक्षित थे। नॉर्थ कैरोलाइना तय नहीं माना जा रहा था। यह उन आठ रिपब्लिकन सीटों में थी जिन पर डेमोक्रेट्स की नजर थी। बाकी सात हैं अलास्का, आयोवा, कैनसस, मेन, ओहायो, साउथ कैरोलाइना और टेक्सास।

रिपब्लिकन इस चुनाव में सीनेट में 53-47 के बहुमत के साथ उतरे थे। नियंत्रण के लिए डेमोक्रेट्स को चार सीटों का शुद्ध फायदा चाहिए, क्योंकि 50-50 की बराबरी पर उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का वोट रिपब्लिकन के पक्ष में जाता है। कूपर की जीत इन चार में से एक है। मिशिगन, यानी तीसरी डेमोक्रेटिक सीट जिस पर रिपब्लिकन की नजर थी, का नतीजा अभी नहीं आया था।

हाउस का फैसला बाकी

हाउस में अभी किसी पार्टी की जीत का अनुमान घोषित नहीं हुआ है। चुनाव से पहले वहां रिपब्लिकन के पास 218 और डेमोक्रेट्स के पास 214 सीटें थीं, दो सीटें खाली थीं। 435 में से गिनी-चुनी सीटों के ही नतीजे आए हैं, ज्यादातर सुरक्षित सीटें, जैसे रिपब्लिकन के लिए केंटकी में जेम्स कोमर की सीट और डेमोक्रेट्स के लिए ओहायो में जॉइस बीटी की।

चुनावी अनुमान डेमोक्रेट्स की तरफ झुके थे। मतदान खत्म होने से पहले डिसीज़न डेस्क एचक्यू के मॉडल ने डेमोक्रेट्स को 241 हाउस सीटें और रिपब्लिकन को 194 सीटें मिलने का अनुमान लगाया था। कुक पॉलिटिकल रिपोर्ट ने दिन में 11 और हाउस सीटों का रुझान डेमोक्रेट्स की ओर बताया। ये अनुमान हैं, नतीजे नहीं।

गवर्नर के चुनावों में मैरीलैंड में वेस मूर, इलिनॉय में जेबी प्रित्ज़कर और पेनसिल्वेनिया में जोश शापिरो दोबारा जीते। तीनों डेमोक्रेट हैं।

ट्रंप ने सोमवार को ही आगाह किया था कि इतिहास उनके खिलाफ है। उन्होंने कहा, “किसी वजह से सत्ता में बैठा राष्ट्रपति मध्यावधि चुनाव नहीं जीतता। पर हमने पूरी ताकत से कोशिश की।”

भारत की नजर क्यों

नई दिल्ली के लिए इस नतीजे की सबसे बड़ी अहमियत व्यापार से जुड़ी है। अगर कांग्रेस का एक या दोनों सदन डेमोक्रेट्स के हाथ में जाते हैं, तो उनके पास ट्रंप के टैरिफ एजेंडे पर लगाम लगाने और ईरान युद्ध की नीति पर सवाल उठाने की ज्यादा ताकत होगी। इन दोनों का असर भारतीय निर्यातकों और तेल की कीमतों पर पड़ा है। भारत में बुधवार को दिन भर हाउस की तस्वीर और साफ होगी, जबकि अलास्का जैसी करीबी सीनेट सीटों के नतीजे, जहां रैंक्ड-चॉइस वोटिंग होती है, कई दिन ले सकते हैं।