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शूमर बोले, डेमोक्रेट्स 'राष्ट्रपति के साथ या उनके बिना' महंगाई घटाएंगे
सीनेट दोबारा जीतने के एक दिन बाद चक शूमर ने वॉशिंगटन में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि रिपब्लिकन डोनाल्ड ट्रंप के पीछे चलकर 'खाई में गिर गए' और अब डेमोक्रेट्स को दाम घटाकर दिखाने होंगे।

मुख्य बातें
- चक शूमर ने कहा, डेमोक्रेट्स ट्रंप के साथ या उनके बिना दाम घटाएंगे।
- डेमोक्रेट्स ने कैनसस से मेन तक कम से कम सात सीनेट सीटें छीनीं।
- कांग्रेस पर नियंत्रण से डेमोक्रेट्स ट्रंप का एजेंडा और नियुक्तियां रोक सकेंगे।
जनवरी में नई कांग्रेस बैठने पर सीनेट की अगुवाई करने जा रहे चक शूमर ने बुधवार को वादा किया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सहयोग करें या न करें, डेमोक्रेट्स महंगाई से निपटेंगे। वॉशिंगटन में प्रेस कॉन्फ्रेंस के आखिर में उन्होंने कहा, “हम राष्ट्रपति के साथ या उनके बिना, दाम घटाने के लिए कड़ी मेहनत करेंगे।”
उन्होंने यह बात मंगलवार के मतदान के एक दिन बाद कही, जिसमें डेमोक्रेट्स ने कम से कम सात रिपब्लिकन सीनेट सीटें छीन लीं: कैनसस, आयोवा, टेक्सस, ओहायो, मेन, नॉर्थ कैरोलाइना और साउथ कैरोलाइना। पार्टी ने जॉर्जिया और मिशिगन की अपनी सीटें भी बचाए रखीं।
‘खाई में गिर गए’
शूमर ने रिपब्लिकन की हार का ठीकरा राष्ट्रपति के प्रति उनकी वफ़ादारी पर फोड़ा। उन्होंने कहा, “रिपब्लिकन ने चुनाव किया और ट्रंप के पीछे चलकर खाई में गिर गए। हमने लोगों की सुनी, उन्होंने नहीं। और अमेरिकी जनता ने लाल ईंटों की दीवार को ईंटों के ढेर में बदल दिया।”
चुनाव की रात वे और जोश में थे। उन्होंने समर्थकों से कहा, “तमाम मुश्किलों के बावजूद हम डेमोक्रेट्स ने सीनेट जीत ली है!” और फिर अपनी ही पार्टी को आगाह किया, “अमेरिकियों ने बदलाव के लिए वोट दिया है और अब डेमोक्रेट्स को काम करके दिखाना होगा।”
जनवरी में क्या बदलेगा
दोनों सदनों में बहुमत के साथ डेमोक्रेट्स ट्रंप के विधायी एजेंडे को रोक सकेंगे, उनके नामांकन खारिज कर सकेंगे और उनके प्रशासन की जांच शुरू कर सकेंगे। मतदाताओं ने सबसे ज़्यादा महंगाई का मुद्दा उठाया; फ़रवरी में ईरान से युद्ध शुरू होने के बाद पेट्रोल और राशन महंगे हुए हैं।
सभी मुकाबले अभी तय नहीं हुए हैं। रिपब्लिकन डैन सुलिवन और डेमोक्रेट मैरी पेल्टोला के बीच अलास्का सीनेट मुकाबले और मिसिसिपी सीनेट सीट की गिनती बुधवार को जारी थी, और दर्जनों हाउस सीटों का फ़ैसला बाकी था, इसलिए डेमोक्रेटिक बहुमत का अंतिम आकार अभी साफ़ नहीं है।