दुनियाअमेरिकी मध्यावधि चुनाव
प्रतिनिधि सभा में 230 से ज़्यादा सीटों की ओर डेमोक्रेट्स, महंगाई बनी बड़ा मुद्दा
गिनती अभी जारी है और डेमोक्रेट्स प्रतिनिधि सभा में 230 से ज़्यादा सीटें जीतने की राह पर हैं। सीनेट में वे कम से कम छह सीटें छीन चुके हैं। मतदाताओं की सबसे बड़ी चिंता अर्थव्यवस्था, पेट्रोल और राशन के दाम रहे।

मुख्य बातें
- डेमोक्रेट्स 230 से ज़्यादा सीटों की ओर बढ़ रहे हैं।
- करीब 10 में से 4 मतदाताओं ने अर्थव्यवस्था को सबसे बड़ा मुद्दा बताया।
- एक रिपब्लिकन ने कहा, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने 'हमें यह चुनाव हरवाया'।
अमेरिका में बुधवार को वोटों की गिनती जारी रहने के बीच डेमोक्रेट्स प्रतिनिधि सभा में 230 से ज़्यादा सीटें जीतने की राह पर हैं। इससे पहले रात में पार्टी कांग्रेस के दोनों सदनों पर कब्ज़ा कर चुकी है।
सीनेट में डेमोक्रेट्स ने कम से कम छह रिपब्लिकन सीटें छीन ली हैं, जिनमें कैनसस, आयोवा, नॉर्थ कैरोलाइना, टेक्सस और साउथ कैरोलाइना शामिल हैं, जबकि जॉन ऑसॉफ़ ने जॉर्जिया की सीट बचाए रखी। चुनाव से पहले प्रतिनिधि सभा में रिपब्लिकन के पास 218 और डेमोक्रेट्स के पास 214 सीटें थीं।
मतदाताओं के मन में महंगाई
इस चुनाव में अर्थव्यवस्था ने बड़ी भूमिका निभाई। AP के सर्वे के मुताबिक करीब 10 में से 4 मतदाताओं ने इसे सबसे अहम मुद्दा बताया, और उनमें से ज़्यादातर ने पेट्रोल और राशन के ऊंचे दामों की बात की, जो फ़रवरी में अमेरिका के ईरान पर युद्ध छेड़ने के बाद बढ़े।
ऑसॉफ़ ने चुनाव की रात अटलांटा में इसी मूड की बात की। उन्होंने समर्थकों से कहा, “आज रात के नतीजे आपको हिम्मत दें कि सुबह की पहली किरण क्षितिज पर है।”
रिपब्लिकन ढूंढ रहे ज़िम्मेदार
रिपब्लिकन खेमे में हार का ठीकरा फोड़ने की तलाश शुरू हो गई है। एक रिपब्लिकन सूत्र ने ईरान युद्ध का चेहरा रहे रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ की ओर इशारा किया। सूत्र ने कहा, “उन्होंने हमें यह चुनाव हरवाया।”
जनवरी में स्पीकर बनने की कतार में खड़े हाउस के डेमोक्रेटिक नेता हकीम जेफ्रीज़ ने वादा किया है कि सत्ता में आने पर उनकी पार्टी बड़ा बदलाव लाएगी।
भारत में बुधवार दोपहर तक प्रतिनिधि सभा की कई सीटों और रिपब्लिकन डैन सलिवन और डेमोक्रेट मैरी पेल्टोला के बीच अलास्का की सीनेट सीट की गिनती जारी थी, इसलिए डेमोक्रेटिक बहुमत का अंतिम आकार अभी तय नहीं है। नई कांग्रेस जनवरी में बैठेगी।