अर्थव्यवस्थाबाजार
सेंसेक्स 2,009 अंक उछलकर 79,310 पर बंद, निफ्टी 24,537 पर; बैंक और ऑटो शेयरों से लगातार छठे दिन तेजी
सस्ते कच्चे तेल और अमेरिकी कांग्रेस में डेमोक्रेट्स की जीत से गुरुवार को बाजार में जोरदार तेजी रही; आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक और बजाज फाइनेंस सबसे आगे रहे और निवेशकों की संपत्ति करीब 7 लाख करोड़ रुपये बढ़ी।

मुख्य बातें
- सेंसेक्स 2,008.61 अंक यानी 2.6% चढ़कर 79,310.01 पर बंद हुआ।
- निफ्टी 50 576 अंक यानी 2.4% बढ़कर 24,536.60 पर पहुंचा।
- सेक्टरों में निफ्टी ऑटो 4.14% की बढ़त के साथ सबसे आगे रहा।
गुरुवार को दलाल स्ट्रीट पर लंबे समय बाद सबसे शानदार दिन रहा। सेंसेक्स 2,008.61 अंक यानी 2.6% चढ़कर 79,310.01 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 ने 576 अंक यानी 2.4% की छलांग लगाई और 24,536.60 पर बंद होकर फिर 24,500 के ऊपर लौट आया।
यह बेंचमार्क सूचकांकों के लिए लगातार छठे सत्र की बढ़त थी। दोपहर करीब 2 बजे सेंसेक्स 79,372.57 तक पहुंचा था और कारोबार के आखिरी डेढ़ घंटे में उसने इसमें से बहुत थोड़ा ही गंवाया। बाजार बंद होने तक निवेशकों की संपत्ति करीब 7 लाख करोड़ रुपये बढ़ चुकी थी।
बाजार क्यों चढ़ा
माहौल मुंबई से दूर की दो वजहों ने बनाया। कच्चे तेल में गिरावट जारी रही: बुधवार को 8.7% टूटने के बाद ब्रेंट गुरुवार को करीब 93.50 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जो हाल के ऊंचे स्तर से लगभग 20% नीचे है। भारत अपना ज्यादातर तेल आयात करता है, इसलिए इसका मतलब है कम आयात बिल, महंगाई पर कम दबाव और उद्योगों की लागत में कमी।
दूसरी वजह अमेरिकी मध्यावधि चुनाव का नतीजा रहा। कांग्रेस के दोनों सदनों में डेमोक्रेट्स की जीत से उम्मीद है कि ट्रंप प्रशासन पर ईरान संघर्ष में कूटनीति का रास्ता अपनाने का दबाव बढ़ेगा, हालांकि अभी कोई शांति समझौता नहीं हुआ है। रात में वॉल स्ट्रीट ने भी रास्ता दिखाया, जहां डाउ 3.03% चढ़कर 53,356.12 पर पहुंचा।
डॉलर के मुकाबले दो हफ्ते के ऊंचे स्तर पर पहुंचे रुपये और सरकारी बॉन्ड में तेज खरीदारी ने भी उत्साह बढ़ाया।

बैंकों ने उठाया बोझ
तेजी की कमान वित्तीय शेयरों के हाथ में रही। अकेले आईसीआईसीआई बैंक ने निफ्टी में 119.19 अंक जोड़े, इसके बाद एचडीएफसी बैंक ने 78.31 और बजाज फाइनेंस ने 45.14 अंक का योगदान दिया। बैंक निफ्टी 3% से ज्यादा और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज 3.99% चढ़ा।
सेक्टरों में निफ्टी ऑटो 4.14% की बढ़त के साथ सबसे आगे रहा, जबकि रियल्टी और आईटी में भी तेजी रही। इंडिगो चलाने वाली इंटरग्लोब एविएशन, जिसे सस्ते विमान ईंधन का सबसे ज्यादा फायदा मिलता है, 5.43% और एशियन पेंट्स 4.36% चढ़ा। श्रीराम फाइनेंस भी प्रमुख बढ़त वाले शेयरों में रहा।
गिरने वाले गिने-चुने शेयरों में भारती एयरटेल रहा, जिसने सितंबर तिमाही के नतीजों से पहले निफ्टी से 7.30 अंक घटाए; एनटीपीसी और अपोलो हॉस्पिटल्स भी दबाव में रहे। फार्मा, हेल्थकेयर, मीडिया और ऊर्जा शेयर बाजार से पीछे रहे।
चौतरफा खरीदारी
तेजी सिर्फ बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रही। निफ्टी मिडकैप 100 1.87% चढ़कर 60,620.90 पर पहुंचा, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.56% की मामूली बढ़त रही और यह 19,132.45 पर बंद हुआ। कारोबार हुए 3,723 शेयरों में से 2,547 चढ़े और 1,084 गिरे, जबकि 99 शेयर 52 हफ्ते के ऊंचे स्तर पर पहुंचे।
गुरुवार को बाजार ऐसे बंद हुआ
- 79,310.01 सेंसेक्स2,008.61 अंक यानी 2.6% ऊपर, लगातार छठी बढ़त।
- 24,536.60 निफ्टी 50576 अंक यानी 2.4% ऊपर, फिर 24,500 के पार।
- 60,620.90 निफ्टी मिडकैप 1001.87% ऊपर, जबकि स्मॉलकैप 0.56% चढ़े।
विदेशी निवेशक पूरे दमखम से लौट आए हैं। उन्होंने बुधवार को शुद्ध 7,284.03 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, जो तीन साल में एक दिन की उनकी सबसे बड़ी खरीद है, और चार सत्रों में करीब 20,834 करोड़ रुपये लगाए, जबकि घरेलू संस्थानों ने 3,712.23 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। गुरुवार के आंकड़े शाम को आएंगे।
विश्लेषकों का कहना था कि निफ्टी का 24,780 के ऊपर बंद होना रुझान में साफ बदलाव का संकेत होगा। सूचकांक अब इससे करीब 240 अंक दूर है, और आगे की दिशा कच्चा तेल और अमेरिका-ईरान कूटनीति तय कर सकते हैं।