नीतिस्वास्थ्य
137 कैंसर दवाओं की संशोधित कीमतें सोमवार से लागू, मार्जिन की सीमा 30%
9 नवंबर से केमिस्ट और अस्पतालों को नई, कम एमआरपी पर ही दवाएं बेचनी होंगी। मूल्य प्राधिकरण अब तक 643 संशोधित ब्रांड प्रविष्टियां जारी कर चुका है, कुछ में 90% से ज्यादा कटौती है, जबकि तीन जाने-माने ब्रांड के दाम नहीं बदले।

मुख्य बातें
- 137 कैंसर दवाओं की नई अधिकतम खुदरा कीमतें सोमवार, 9 नवंबर से हर दवा दुकान और अस्पताल में लागू होंगी।
- इन दवाओं पर ट्रेड मार्जिन एमआरपी के 30% तक सीमित है और सरकार के मुताबिक कीमतें 70% तक घट सकती हैं।
- ताज़ा सूची में 643 संशोधित प्रविष्टियां हैं, पर कीट्रूडा, टैग्रिसो और इम्फिंजी के दाम में बदलाव नहीं दिखता।
9 नवंबर, सोमवार से 137 कैंसर दवाओं की नई, कम कीमतें लागू हो जाएंगी, और देश की हर दवा दुकान व अस्पताल को संशोधित अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) पर ही बिक्री करनी होगी।
राष्ट्रीय औषध मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) ने यह कदम 17 अक्टूबर को औषध (मूल्य नियंत्रण) आदेश, 2013 के पैराग्राफ 19 के तहत घोषित किया था। इसमें चिह्नित गैर-अनुसूचित दवाओं पर ट्रेड मार्जिन एमआरपी के 30% तक सीमित किया गया है। रसायन और उर्वरक मंत्रालय ने कहा कि इसमें 20 से ज्यादा तरह के कैंसर में काम आने वाली इम्यूनोथेरेपी दवाएं भी शामिल हैं और हर उत्पाद की पुरानी कीमत के हिसाब से दाम 70% तक घट सकते हैं।
सूचियों में क्या दिखता है
इसके बाद एनपीपीए कंपनियों की बताई नई एमआरपी की सूचियां जारी कर रहा है। 27 अक्टूबर तक के आंकड़ों पर बनी पहली सूची में 543 प्रविष्टियां थीं। 28 अक्टूबर तक के आंकड़ों वाली अगली सूची में 643 प्रविष्टियां हैं। ये ब्रांड, मात्रा और पैक के आकार हैं, 643 अलग दवाएं नहीं। प्राधिकरण के मुताबिक निर्माताओं के नई कीमतें देने पर सूची अपडेट होती रहेगी।
कटौती हर दवा में अलग है। आरपीजी लाइफ साइंसेज के पालबोप्रो (पैल्बोसिक्लिब 125 मिग्रा, 21 कैप्सूल) में करीब 93% की कमी है, यानी ₹40,421.33 से ₹2,720। एबट के बेवासिज़ैब (बेवासिज़ुमैब 400 मिग्रा) का दाम ₹65,205.09 से घटकर ₹8,956.75 हुआ है और सिप्ला के आर्मोट्राज़ (एनास्ट्रोज़ोल 1 मिग्रा) का ₹784.71 से ₹146.78। सन फार्मा के डेसिटेक्स 30 मिग्रा इंजेक्शन का दाम ₹5,199.78 से ₹2,751.50 हुआ, यानी करीब 47% कम।
हर जाने-माने ब्रांड के दाम नहीं घटे। ताज़ा सूची में कीट्रूडा (पेम्ब्रोलिज़ुमैब 100 मिग्रा) ₹2,16,500 पर ही है, टैग्रिसो (ऑसिमर्टिनिब 80 मिग्रा, 30 गोलियां) ₹4,16,492.48 पर और इम्फिंजी (डरवालुमैब 500 मिग्रा) ₹1,71,324.27 पर। सरकार ने इस कदम की घोषणा करते समय तीनों का नाम लिया था।
केमिस्ट और अस्पतालों को क्या करना होगा
सोमवार से दवा विक्रेताओं और अस्पतालों को संशोधित कीमतें लेनी होंगी और नई दरें प्रदर्शित करनी होंगी। अस्पतालों को उन्हें अपनी वेबसाइट पर भी डालना होगा। निर्माताओं को राजपत्र अधिसूचना के सात दिन के भीतर एनपीपीए को नई कीमतें बतानी हैं, अपनी वेबसाइट पर नई मूल्य सूची डालनी है और उसे विक्रेताओं व अस्पतालों तक पहुंचाना है। उन्हें इन दवाओं का उत्पादन और आपूर्ति मौजूदा स्तर पर बनाए रखना होगा। अनुपालन की निगरानी राज्यों के औषध नियंत्रक करेंगे।
मरीज़ एनपीपीए की वेबसाइट या फार्मा सही दाम ऐप पर दवा की संशोधित कीमत देख सकते हैं। छपी एमआरपी कम होने का मतलब हमेशा उतनी ही बचत नहीं होता, खासकर जहां अस्पताल या दुकानदार पहले से पुरानी एमआरपी से कम पर दवा बेच रहे थे।
पृष्ठभूमि
यह कदम 2019 की उस पायलट व्यवस्था का विस्तार है जिसमें 42 कैंसर दवाओं पर मूल्य नियंत्रण लगा था और सरकार के मुताबिक कुछ दवाओं के दाम 90% तक घटे थे। 12 अक्टूबर को केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि वह कैंसर दवाओं पर ट्रेड मार्जिन 30% पर सीमित करेगा, और पीठ ने पूछा था कि यह सीमा सिर्फ कैंसर की दवाओं तक क्यों है।