नीतिगृह मंत्रालय
अहमदाबाद में गुजरात की सुरक्षा समीक्षा, शाह ने 2029 तक नशामुक्त भारत का लक्ष्य रखा
दिवाली की पूर्व संध्या पर गृह मंत्री ने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पुलिसिंग, साइबर अपराध, सीमा व तटीय सुरक्षा, नशीले पदार्थों और आपदा प्रबंधन की समीक्षा की।

मुख्य बातें
- अमित शाह ने गुजरात से नशे के खिलाफ कार्ययोजना बनाने और 1933 कंट्रोल रूम का दायरा बढ़ाने को कहा, लक्ष्य 2029 तक नशामुक्त भारत है।
- समीक्षा में पुलिसिंग, साइबर अपराध, सीमा व तटीय सुरक्षा और आपदा प्रबंधन शामिल रहे।
- शाह ने सूखे, किसानों की चिंताओं, आर्थिक अपराधों और अतिक्रमण पर भी सुझाव दिए।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को दिवाली की पूर्व संध्या पर अहमदाबाद में उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में गुजरात की कानून-व्यवस्था, पुलिसिंग और आंतरिक सुरक्षा पर चर्चा हुई और शाह ने राज्य से 2029 तक नशामुक्त भारत की दिशा में काम करने को कहा।
बैठक में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी, केंद्रीय गृह सचिव और गृह मंत्रालय व उसके कार्यालयों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार मुख्य सचिव मनोज कुमार दास, गृह विभाग के प्रधान सचिव संजीव कुमार और पुलिस महानिदेशक जी एस मलिक ने राज्य के कामकाज की जानकारी दी।
सबसे पहले नशा
शाह ने नशीले पदार्थों के प्रति सख्त रुख अपनाने को कहा। उन्होंने राज्य को कार्ययोजना बनाने, 1933 कंट्रोल रूम का दायरा बढ़ाने, सभी एजेंसियों से सघन प्रवर्तन अभियान चलवाने और व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया। उनका लक्ष्य 2029 तक नशामुक्त भारत है।
लंबा एजेंडा
समीक्षा में पुलिस आधुनिकीकरण, साइबर अपराध, आतंकवाद-रोधी तंत्र, सीमा और तटीय सुरक्षा तथा राज्यों के बीच सहयोग शामिल रहे। अधिकारियों ने आपराधिक न्याय प्रणाली पर भी बात की, जिसमें आईसीजेएस और सीसीटीएनएस, ई-साक्ष्य, विशेष और शाम की अदालतें, अभियोजकों की तैनाती और जेलें शामिल हैं।
आव्रजन और नागरिकता के मद में अवैध बांग्लादेशी नागरिक, फॉरेनर्स आइडेंटिफिकेशन पोर्टल और नागरिकता संशोधन कानून के तहत जिलावार नागरिकता के आंकड़े एजेंडे में थे। आपदा प्रबंधन में राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल, आपदा कोष और अहमदाबाद में शहरी बाढ़ की रोकथाम पर चर्चा हुई। वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम, शत्रु संपत्ति, हथियार लाइसेंस, अग्निवीर योजना, पॉक्सो मामले, फॉरेंसिक मामले और 2027 की जनगणना की तैयारी भी सूची में थीं।
राज्य को सुझाव
सुरक्षा के अलावा शाह ने गुजरात सरकार को सूखे की स्थिति और किसानों की चिंताओं पर, साथ ही विज्ञप्ति में दर्ज “लव जिहाद”, आर्थिक अपराधों, सीमावर्ती जिलों और अतिक्रमण हटाने पर सुझाव दिए।
विज्ञप्ति में गिरफ्तारियों के आंकड़े, मामलों की संख्या या किसी मद के लिए धन का ब्योरा नहीं दिया गया है, और उसमें गृह मंत्री का कोई सीधा उद्धरण भी नहीं है।