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कॉप31 से पहले उपग्रहों ने पकड़ा: इस्तांबुल के कूड़ाघर से हर घंटे 7.4 टन मीथेन का रिसाव

सेमेन कूड़ाघर गैस पकड़कर बिजली बनाता है, फिर भी अंतरिक्ष से मिले आंकड़ों में वह दुनिया के सबसे बड़े लैंडफिल उत्सर्जकों में है। तुर्की दो दिन बाद अंताल्या में जलवायु सम्मेलन की मेजबानी करेगा।

संपादकीय डेस्क से · इस्तांबुलसंपादन: पुनीत पनेसरप्रकाशित
गांधी न्यूज़ ग्राफ़िक: इस्तांबुल के कूड़ाघर से हर घंटे 7.4 टन मीथेन
गांधी न्यूज़ ग्राफ़िक: इस्तांबुल के कूड़ाघर से हर घंटे 7.4 टन मीथेनग्राफ़िक: गांधी न्यूज़

मुख्य बातें

  1. इस्तांबुल के पश्चिम में सेमेन कूड़ाघर से उपग्रहों ने औसतन हर घंटे 7.4 टन मीथेन पकड़ी।
  2. तुर्की कूड़े से मीथेन का दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा उत्सर्जक है, उससे आगे चीन, अमेरिका, रूस और ब्राज़ील हैं।
  3. तुर्की के पर्यावरण मंत्रालय का कहना है कि ये आंकड़े लगातार माप पर आधारित नहीं हैं और इनसे सालाना उत्सर्जन नहीं निकाला जा सकता।

उपग्रहों ने इस्तांबुल के पश्चिम में एक कूड़ाघर से औसतन हर घंटे 7.4 टन मीथेन रिसती पकड़ी है, जबकि वहां बिजली बनाने के लिए गैस इकट्ठा की जाती है। यह खुलासा कॉप31 जलवायु सम्मेलन से दो दिन पहले आया है, जिसकी मेजबानी तुर्की अंताल्या में करेगा और जिसमें उसने मीथेन में कटौती को प्राथमिकता बताया है। सम्मेलन 9 से 20 नवंबर तक चलेगा।

सिलिव्री में स्थित सेमेन कूड़ाघर रोज़ करीब 8,500 टन घरेलू कचरा लेता है। 1.6 करोड़ की आबादी वाले इस्तांबुल में रोज़ लगभग 20,000 टन कचरा निकलता है। नगर निगम की संचालक कंपनी इस्ताक गैस इकट्ठा करती है और एक ऊर्जा कंपनी उसे 2020 में शुरू हुए संयंत्र में जलाकर महीने में करीब 22,000 मेगावाट-घंटे बिजली बनाती है।

उपग्रहों ने क्या देखा

लॉस एंजिल्स की कैलिफ़ोर्निया यूनिवर्सिटी (यूसीएलए) के शोधकर्ताओं ने कार्बन मैपर के टैनेजर-1 उपग्रह के सार्वजनिक आंकड़ों का विश्लेषण किया, जो जनवरी 2025 से मई 2026 के अंत तक के हैं। उन्हें तुर्की के सबसे ज्यादा उत्सर्जन वाले 10 कचरा स्थलों से 70 गुबार मिले, जिनकी औसत दर 841 किलो से 7.4 टन प्रति घंटा रही। इनमें तीन इस्तांबुल के आसपास हैं, बाकी अंकारा, इज़मिर और अंताल्या के पास।

सेमेन का औसत 2025 की वैश्विक सूची के सबसे ऊपर के कूड़ाघर से थोड़ा ही कम है। कार्बन मैपर की टिया स्कार्पेली ने कहा, “सबसे अलग बात यह है कि इसका उत्सर्जन कितना बड़ा है और कितने लगातार बड़ा रहता है।”

संचालक और मंत्रालय की आपत्ति

तुर्की के पर्यावरण मंत्रालय ने कहा कि ये आंकड़े लगातार माप से नहीं लिए गए और इनसे सेमेन का सालाना उत्सर्जन नहीं निकाला जा सकता। इस्ताक की अधिकारी आयसेन एरदिनचलेर ने कहा कि रिसाव आमतौर पर 4 से 6 टन प्रति घंटा रहता है और एक दिन की 12 टन की रीडिंग से औसत बढ़ गया। इस्ताक प्रमुख फतिह उगुर ने बताया कि उस दिन गैस पाइपों पर काम के कारण करीब 30 हेक्टेयर हिस्सा खुला छोड़ा गया था।

कॉप31 के लिए क्यों मायने रखता है

कार्बन डाइऑक्साइड के बाद मीथेन जलवायु परिवर्तन का सबसे बड़ा कारण है और हवा में पहले 20 साल में यह 80 गुना से ज्यादा असरदार है। क्लाइमेट ट्रेस के अनुसार तुर्की ठोस कचरे से मीथेन का दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा उत्सर्जक है, उससे आगे चीन, अमेरिका, रूस और ब्राज़ील हैं। विश्व बैंक के आंकड़ों के मुताबिक 2024 तक के दशक में तुर्की के कचरे से मीथेन उत्सर्जन करीब 25% बढ़ा, जबकि दुनिया भर में यह 6.5% बढ़ा।

तुर्की ग्लोबल मीथेन प्लेज में शामिल नहीं है, जो 2021 में कॉप26 में शुरू हुआ था और जिसका लक्ष्य 2030 तक मीथेन में 30% कटौती है। अंकारा के नीति समूह डी84 के सेलिम यिल्दिरिम ने कहा कि तुर्की कॉप31 में इसमें शामिल हो सकता है, पर संचालकों को गैस पकड़ने और दोबारा इस्तेमाल के लिए बाध्य करने वाले नियम ज्यादा अहम होंगे। स्कार्पेली ने कहा कि सबसे बड़े कूड़ाघरों में टूटे ढक्कनों और खराब गैस कुओं की मरम्मत से बड़ा फायदा मिल सकता है।