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गंजाम में भूस्खलन वाले गांव से एक ही परिवार के पांच शव मिले, मृतकों की संख्या सात हुई
घिडिपबाली में गुरुवार को एक युवा दंपती और उनके तीन बच्चों के शव निकाले गए। छह लोग अब भी लापता हैं, और ओडिशा ने चक्रवात अर्णब के बाद केंद्र से ₹2,526 करोड़ मांगे हैं।

मुख्य बातें
- गंजाम के घिडिपबाली में गुरुवार को मिले पांचों शव एक ही परिवार के थे।
- गांव में मृतकों की संख्या सात हो गई है, छह लोग अब भी लापता हैं।
- ओडिशा ने चक्रवात और बाढ़ के नुकसान के लिए केंद्र से ₹2,526 करोड़ की सहायता मांगी है।
दक्षिण ओडिशा की एक दुर्गम पहाड़ी पर गुरुवार को बचाव दलों ने एक युवा दंपती और उनके तीन बच्चों के शव निकाले। इसके साथ गंजाम जिले के भूस्खलन प्रभावित गांव घिडिपबाली में मृतकों की संख्या सात हो गई है। सोते हुए गांव पर पहाड़ गिरने के आठ दिन बाद भी छह लोग लापता हैं।
मृतकों की पहचान 25 साल के बिजय प्रधान, उनकी 27 साल की पत्नी भूमिका, 7 साल के बेटे अरुणा और बेटियों 6 साल की बिजयलक्ष्मी और एक साल की बगरी के रूप में हुई है। कंधमाल के जिलाधिकारी वेदभूषण ने फूलबाणी में बताया कि दो शव दिन में पहले मिले और तीन शाम को तलाश रुकने तक। परिवार ने अंतिम संस्कार वहीं करने की इच्छा जताई, और प्रशासन ने इसमें मदद की।
कटा हुआ गांव
चक्रवात अर्णब की बारिश के बीच 28 अक्टूबर की रात करीब 3 बजे गंजाम-कंधमाल सीमा के पास भंजनगर ब्लॉक के घिडिपबाली में एक के बाद एक भूस्खलन हुए। घर चट्टानों, उखड़े पेड़ों और कीचड़ के नीचे दब गए।
गांव तक कोई सड़क नहीं है। वहां सिर्फ पैदल, कंधमाल होकर पहुंचा जा सकता है, इसलिए गांव गंजाम में होने के बावजूद तलाश की अगुवाई कंधमाल प्रशासन कर रहा है। ओडिशा आपदा त्वरित कार्य बल (ओडीआरएएफ), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), दमकल सेवा और रेलवे की टीमें पहाड़ी पर हैं। बुधवार को खराब मौसम के कारण तलाश रोकनी पड़ी थी और गुरुवार को फिर शुरू हुई; जिलाधिकारी ने कहा कि यह जारी रहेगी।
वेदभूषण ने कहा, “पूरा प्रशासन पीड़ितों के परिवारों के साथ एकजुट खड़ा है। हम सुनिश्चित करेंगे कि पीड़ितों के परिजनों को जरूरी मुआवजा मिले।”
तेरह ग्रामीण बच निकले और कंधमाल के किलापंगा प्राथमिक विद्यालय में बने राहत शिविर में रह रहे हैं। 26 साल की रिनिमा मलिक ने अपने पति और दूसरे रिश्तेदारों को खो दिया है। दो बच्चों की मां रिनिमा ने सरकार से बचे लोगों को दूसरी जगह बसाने की मांग की है। उन्होंने कहा, “मैं घिडिपबाली वापस नहीं जाना चाहती, जहां मैंने अपने पति और दूसरे रिश्तेदारों को खोया।”
आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा है कि सरकार गांव के लोगों को घर देकर उनका पुनर्वास करेगी। यह जिम्मेदारी गंजाम प्रशासन की होगी। बाढ़ और भूस्खलन को मिलाकर चक्रवात अर्णब से ओडिशा में अब तक 11 लोगों की जान जा चुकी है।
ओडिशा ने केंद्र से मदद मांगी
गुरुवार को ही राज्य ने गंजाम, गजपति और कंधमाल में अर्णब और उसके बाद आई बाढ़ से हुए नुकसान के लिए केंद्र से ₹2,526 करोड़ की सहायता मांगी। विशेष राहत आयुक्त राजेश प्रभाकर पाटिल ने बताया कि हर साल बाढ़ से होने वाले ऐसे नुकसान को रोकने के दीर्घकालिक उपायों के लिए अलग से ₹10,000 करोड़ की विशेष सहायता भी मांगी गई है।
ये मांगें केंद्रीय गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव रवि शंकर की अगुवाई वाली आठ सदस्यीय केंद्रीय टीम के सामने रखी गईं। टीम ने गजपति और गंजाम के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया और मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से मिली। टीम ने कटाई के करीब पहुंचे बर्बाद धान के खेत, ऋषिकुल्या नदी के टूटे तटबंध और बह गई सड़कें और पुल देखे।
माझी ने टीम से कहा, “ओडिशा को अक्सर बाढ़, चक्रवात और लू जैसी प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ता है।” उन्होंने चक्रवात और बाढ़ झेल सकने वाले बुनियादी ढांचे पर जोर दिया। रवि शंकर ने कहा कि बाढ़ से कई घर गिरे तो नहीं, पर कमजोर हो गए हैं, और ज्यादातर सड़कों पर आवाजाही बहाल कर दी गई है। टीम ने ऋषिकुल्या से लंबे समय तक गाद निकालने का सुझाव दिया।
पाटिल ने बताया कि टीम आठ से दस दिन में अपनी रिपोर्ट केंद्र को भेज सकती है।