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राज्यझारखंड

खूंटी में तेज रफ्तार ट्रेलर ने स्कूटी सवार की मदद कर रहे ग्रामीणों को रौंदा, सात की मौत

कर्रा-तोरपा सड़क पर गुरुवार रात 18 चक्का ट्रेलर सड़क किनारे जुटी भीड़ पर चढ़ गया, जिसमें चार महिलाओं और तीन बच्चों की जान चली गई। चालक फरार है और शुक्रवार सुबह नाराज ग्रामीणों ने सड़क जाम कर उसकी गिरफ्तारी और परिवारों के लिए नौकरी की मांग की।

संपादकीय डेस्क से · खूंटीप्रकाशित
गांधी न्यूज़ ग्राफ़िक: ट्रेलर ने सड़क किनारे भीड़ को रौंदा, सात की मौत
गांधी न्यूज़ ग्राफ़िक: ट्रेलर ने सड़क किनारे भीड़ को रौंदा, सात की मौतग्राफ़िक: गांधी न्यूज़

मुख्य बातें

  1. खूंटी में जोन-लुदरू मोड़ के पास तेज रफ्तार ट्रेलर ने स्कूटी सवार की मदद को रुके ग्रामीणों को रौंद दिया।
  2. चार महिलाओं और तीन बच्चों समेत सात लोगों की मौत हुई, 12 साल के एक लड़के ने अस्पताल में दम तोड़ा।
  3. चालक फरार है, ग्रामीणों ने शुक्रवार को कर्रा रेलवे क्रॉसिंग के पास सड़क जाम की।

झारखंड के खूंटी जिले में गुरुवार रात एक तेज रफ्तार ट्रेलर ने सड़क किनारे घायल पड़े स्कूटी सवार की मदद के लिए रुके ग्रामीणों को रौंद दिया, जिसमें सात लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में चार महिलाएं और तीन बच्चे हैं।

हादसा 5 नवंबर 2026 की रात करीब 10 बजे कर्रा-तोरपा मुख्य सड़क पर जोन-लुदरू मोड़ के पास कर्रा थाना क्षेत्र में हुआ। एक पुलिया के पास स्कूटी गिर गई थी और उसका सवार झाड़ियों में जा गिरा था। आसपास के घरों से लोग, जिनमें ज्यादातर महिलाएं और बच्चे थे, उसे निकालने के लिए सड़क पर जुट गए।

अंधेरे मोड़ पर भीड़

तभी तोरपा की ओर से तेज रफ्तार में आ रहा 18 चक्का ट्रेलर सीधे भीड़ में घुस गया। छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। 12 साल के एक लड़के को खूंटी सदर अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। एक बच्ची घायल है और उसी अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है।

बताया गया कि ट्रक पुलिया की रेलिंग तोड़ते हुए सड़क किनारे एक गड्ढे में जा गिरा। उसके चालक और खलासी अंधेरे में भाग निकले और शुक्रवार दोपहर तक किसी गिरफ्तारी की खबर नहीं थी। कुछ ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि चालक नशे में था, लेकिन पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है।

खूंटी के पुलिस अधीक्षक ने कहा कि शुरुआती जानकारी के मुताबिक स्कूटी हादसे के बाद भीड़ जमा हुई और ट्रक सड़क पर खड़े लोगों पर चढ़ गया। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

सड़क पर गुस्सा

शुक्रवार सुबह तक शोक गुस्से में बदल गया। ग्रामीणों ने कर्रा रेलवे क्रॉसिंग के पास टायर जलाकर मुख्य सड़क जाम कर दी, जिससे आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई। उन्होंने चालक की तुरंत गिरफ्तारी, मृतकों के परिवारों को सरकारी नौकरी और उचित मुआवजे, और घायल बच्ची के इलाज की मांग की।

उन्होंने इस हिस्से पर स्पीड ब्रेकर और नियमित पुलिस जांच की भी मांग रखी। ग्रामीणों का कहना है कि जोन-लुदरू मोड़ पर रोशनी कम है और यह खतरनाक है, और रात में भारी वाहन अक्सर तेज रफ्तार से यहां से गुजरते हैं।

पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बात की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकारी प्रावधानों के मुताबिक मदद और मुआवजा दिया जाएगा, हालांकि कोई रकम नहीं बताई गई। एहतियात के तौर पर इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

नेताओं ने जताया शोक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यालय की ओर से जारी संदेश में हादसे में लोगों की मौत पर गहरा दुख जताया और घायलों के जल्द ठीक होने की कामना की। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि सात लोगों की मौत की खबर से वे बहुत दुखी हैं। उन्होंने परिवारों के प्रति सहानुभूति जताई और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।

शुक्रवार दोपहर तक मृतकों के नाम जारी नहीं किए गए थे। कर्रा-तोरपा सड़क के किनारे बसे गांवों के लिए अब सवाल यह है कि वादे के मुताबिक स्पीड ब्रेकर और जांच अगले भारी ट्रक के उस मोड़ से गुजरने से पहले लगेंगे या नहीं।