राज्यदिल्ली
दिवाली से दो दिन पहले दिल्ली-एनसीआर में ग्रैप का तीसरा चरण लागू, एक्यूआई 382
वायु गुणवत्ता आयोग ने शुक्रवार को एहतियात के तौर पर सख्त पाबंदियां लगाईं। निर्माण कार्य रुका और पुरानी डीजल कारों पर रोक लगी, जबकि शनिवार से हवा के गंभीर होने का अनुमान है।

मुख्य बातें
- सीएक्यूएम ने शुक्रवार को पूरे दिल्ली-एनसीआर में ग्रैप का तीसरा चरण तुरंत प्रभाव से लागू किया।
- दिल्ली का औसत एक्यूआई 382 यानी बहुत खराब रहा, जो 400 के गंभीर निशान के करीब है।
- पूर्वानुमान के मुताबिक 7 से 9 नवंबर तक हवा गंभीर रह सकती है, यानी दिवाली के आसपास।
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (ग्रैप) का तीसरा चरण लागू कर दिया। दिवाली से दो दिन पहले राजधानी की हवा ‘बहुत खराब’ श्रेणी में काफी नीचे जा चुकी है।
शुक्रवार को दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 382 रहा, जो 400 के उस निशान के करीब है जिसके बाद हवा ‘गंभीर’ मानी जाती है। कई निगरानी स्टेशन यह सीमा पार कर चुके थे: शाम 4 बजे भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) के डैशबोर्ड पर जहांगीरपुरी 449, दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय 445 और बवाना 428 पर था।
आयोग की ग्रैप उप-समिति ने कहा कि यह कदम “एहतियात के तौर पर” उठाया गया है और पाबंदियां तुरंत लागू हैं। तीसरा चरण आम तौर पर ‘गंभीर’ हवा से जुड़ा होता है, लेकिन रुझान और पूर्वानुमान बिगड़ने पर समिति पहले भी कदम उठा सकती है।
पाबंदियों का मतलब
सबसे बड़ा असर निर्माण स्थलों पर है। पूरे क्षेत्र में धूल उड़ाने वाले निर्माण और तोड़फोड़ पर रोक है, जिसमें मिट्टी की खुदाई, पाइलिंग, खाई खोदना, सड़क निर्माण और पत्थर काटना शामिल है। कच्ची सड़कों पर रेत और सीमेंट नहीं ढोया जा सकेगा, और स्टोन क्रशर, खनन और साफ ईंधन पर न चलने वाले हॉट-मिक्स प्लांट बंद रहेंगे। रेलवे, मेट्रो, हवाई अड्डे, अस्पताल, राजमार्ग, जल आपूर्ति और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी परियोजनाएं धूल नियंत्रण के नियम मानते हुए जारी रह सकती हैं।
सड़कों पर दिल्ली और एनसीआर के चुने हुए जिलों में बीएस-III पेट्रोल और बीएस-IV डीजल चार पहिया वाहनों पर पाबंदी है, हालांकि आवश्यक सेवाओं को छूट है। कुछ डीजल मालवाहक वाहनों और अंतरराज्यीय डीजल बसों पर भी रोक है। आपात और आवश्यक सेवाओं को छोड़कर डीजल जनरेटर सेट चलाने पर रोक है।
दिल्ली सरकार और एनसीआर के राज्यों को तय करना है कि सरकारी, नगर निगम और निजी दफ्तर 50 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ चलें और बाकी घर से काम करें; केंद्र अपने कर्मचारियों के बारे में अलग फैसला करेगा। तीसरे चरण के तहत कक्षा 5 तक की पढ़ाई हाइब्रिड या ऑनलाइन की जा सकती है। लोगों से निजी वाहन कम चलाने और गर्मी के लिए कोयला या लकड़ी न जलाने को कहा गया है।
दिवाली पर हवा और बिगड़ने के आसार
समय चिंता बढ़ाने वाला है। आईआईटीएम पुणे के पूर्व चेतावनी बुलेटिन के मुताबिक 7 से 9 नवंबर तक हवा गंभीर रह सकती है, यानी दिवाली के सप्ताहांत में, जब पटाखे और त्योहार का ट्रैफिक आम तौर पर धुंध बढ़ाते हैं। उसके बाद के छह दिनों में हवा के गंभीर और बहुत खराब के बीच रहने का अनुमान है।
तीसरा चरण पहले से लागू पहले और दूसरे चरण के उपायों के ऊपर आया है, और आयोग ने एजेंसियों से मशीनों से सफाई, पानी के छिड़काव और ट्रैफिक प्रबंधन को तेज करने को कहा है। अगर सूचकांक 450 से ऊपर बना रहता है, तो आयोग चौथा चरण लागू कर सकता है, जो इस योजना का आखिरी और सबसे सख्त कदम है।