नीतिरेलवे
त्योहारों में करीब 18,000 स्पेशल ट्रेनें चलाएगा रेलवे, पिछले साल से डेढ़ गुना: वैष्णव
शुक्रवार को धनतेरस की भीड़ के बीच नई दिल्ली स्टेशन पर इंतजाम देखने पहुंचे रेल मंत्री ने कहा कि अतिरिक्त ट्रेनें कब और कहां चाहिए, यह 10 साल के यात्रा आंकड़ों से तय किया गया।

मुख्य बातें
- इस त्योहारी मौसम में रेलवे करीब 18,000 स्पेशल ट्रेनें चला रहा है, पिछले साल करीब 12,000 थीं।
- 10 साल के यात्री आंकड़ों पर बने मॉडल से भीड़ वाले दिन और स्टेशन चुने गए।
- अश्विनी वैष्णव के मुताबिक सबसे ज्यादा भीड़ धनतेरस और छठ से तीन दिन पहले होती है।
इस त्योहारी मौसम में भारतीय रेलवे करीब 18,000 स्पेशल ट्रेनें चला रहा है, जो पिछले साल की करीब 12,000 ट्रेनों से डेढ़ गुना है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार शाम नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भीड़ के इंतजाम का जायजा लेते हुए यह जानकारी दी।
ये अतिरिक्त ट्रेनें दुर्गा पूजा, दिवाली और छठ के लिए हैं, जब दिल्ली और दूसरे बड़े शहरों से लाखों कामगार अपने गांव लौटते हैं। मंत्री ने बताया कि पिछले वर्षों में स्पेशल के तौर पर चली कई ट्रेनों को अब नियमित सेवा बना दिया गया है।
दस साल के आंकड़ों पर योजना
वैष्णव ने कहा कि स्पेशल ट्रेनों का समय तय करने के लिए एक एआई मॉडल से 10 साल के यात्री आंकड़ों का अध्ययन कराया गया, जिसमें कोविड-19 के साल शामिल नहीं किए गए। इससे पता चला कि किन स्टेशनों पर और किस समय सबसे ज्यादा मांग रहती है। उनके मुताबिक मकसद हर त्योहारी मौसम के अनुभव से सीखना था।
आंकड़ों से एक दिलचस्प बात सामने आई। वैष्णव के अनुसार भीड़ दिवाली के मुख्य दिन के बजाय धनतेरस पर सबसे ज्यादा होती है। शुक्रवार को धनतेरस था। दूसरी बड़ी भीड़ छठ पूजा से करीब तीन दिन पहले उमड़ती है, और दोनों ही तरह के दिनों में शाम 5 बजे के बाद रेला शुरू होकर रात भर चलता है, जब कारखानों और दफ्तरों के कर्मचारी छुट्टी के बाद गांव के लिए निकलते हैं। दोनों मौकों के लिए अतिरिक्त ट्रेनें रखी गई हैं।
होल्डिंग एरिया और वॉर रूम
नई दिल्ली स्टेशन से आम दिनों में पांच लाख से ज्यादा यात्री गुजरते हैं, जो त्योहारों में करीब आठ लाख तक पहुंच जाते हैं। वैष्णव ने बताया कि पहले स्टेशन पर प्रवेश के छह गेट थे, जिससे भ्रम होता था। अब प्रवेश एक जगह से कर दिया गया है, आरक्षित टिकट वालों के लिए अलग होल्डिंग एरिया बनाया गया है, और सामान की जांच व दूसरी जरूरी सुविधाएं स्टेशन भवन से बाहर कर दी गई हैं। उन्होंने कहा कि दूसरे बड़े स्टेशनों पर भी ऐसे होल्डिंग एरिया के अच्छे नतीजे मिल रहे हैं।
रेलवे बोर्ड, उत्तर रेलवे जोन, मंडल कार्यालय और स्टेशनों पर चौबीसों घंटे वॉर रूम काम कर रहे हैं, और मुंबई समेत दूसरी जगहों पर चार स्तर का वॉर रूम बनाया गया है। अधिकारी प्लेटफॉर्म और रास्तों पर भीड़ पर नजर रखते हैं और जहां जाम लगने लगे, वहां से यात्रियों को दूसरी ओर भेजते हैं।
आपात स्थिति के लिए दिल्ली के शकूर बस्ती डिपो में करीब छह अतिरिक्त रेक तैयार खड़े हैं, ताकि अचानक भीड़ बढ़ने पर यात्रियों को फंसना न पड़े।
यह क्यों अहम है
त्योहारों पर घर लौटने की यह भीड़ रेलवे के लिए साल की सबसे कड़ी परीक्षा होती है। दिल्ली के बड़े टर्मिनलों पर ठसाठस प्लेटफॉर्म और लंबी कतारें पहले के मौसमों में खतरनाक धक्का-मुक्की की वजह बन चुकी हैं। इस साल मंत्रालय ज्यादा ट्रेनों, ज्यादा कर्मचारियों और ऐसे होल्डिंग एरिया पर भरोसा कर रहा है जो ट्रेन तैयार होने तक भीड़ को प्लेटफॉर्म से दूर रखें।
त्योहारी योजना, आंकड़ों में
- 18,000 स्पेशल ट्रेनेंपिछले त्योहारी मौसम में करीब 12,000 थीं।
- 8 लाख रोज के यात्रीत्योहारों में नई दिल्ली स्टेशन पर, आम दिनों में पांच लाख से ज्यादा।
- 10 साल के यात्रा आंकड़ेइन्हीं से भीड़ वाले दिन, स्टेशन और ट्रेनों का समय चुना गया।
सबसे भारी दिन अभी बाकी हैं। रविवार को दिवाली है और उसके बाद छठ, जिसके लिए घर लौटने वालों की भीड़ अगले हफ्ते चरम पर रहने की उम्मीद है।