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नाम हटाना चोरी नहीं: 13 करोड़ 'चोरी के वोट' के दावे पर संबित पात्रा का राहुल गांधी को जवाब
इंडिया गठबंधन की रामलीला मैदान रैली के अगले दिन वाराणसी में भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण सिर्फ मतदाता सूची को साफ करता है, और पूछा कि विपक्ष के बूथ एजेंट सूचियां क्यों नहीं जांच रहे।

मुख्य बातें
- संबित पात्रा ने राहुल गांधी के 13 करोड़ वोट 'चोरी' होने के दावे को खारिज किया।
- उन्होंने कहा कि नाम हटाना मतदाता सूची के सत्यापन का हिस्सा है, चोरी नहीं।
- उन्होंने पूछा कि विपक्ष के बूथ-स्तरीय एजेंट सूचियों की जांच क्यों नहीं कर रहे।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने सोमवार को राहुल गांधी के इस आरोप को खारिज किया कि 13 करोड़ वोट “चोरी” हुए हैं। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में नाम हटाना सूची की जांच का हिस्सा है, चोरी नहीं।
वाराणसी में पत्रकारों से बात करते हुए पुरी के सांसद ने एसआईआर को मतदाता सूची के “सत्यापन और शुद्धिकरण” की प्रक्रिया बताया। उन्होंने कहा कि इसमें उन मतदाताओं के नाम हटते हैं जो अनुपस्थित हैं, स्थायी रूप से कहीं और चले गए हैं, जिनकी मृत्यु हो चुकी है या जिनके नाम दो बार दर्ज हैं, और ऐसे पुनरीक्षण पहले भी होते रहे हैं।
‘आपके एजेंट जांच क्यों नहीं करते?’
पात्रा ने कहा कि बूथ-स्तरीय अधिकारी घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करते हैं, और हर दल सूचियों की जांच के लिए बूथ-स्तरीय एजेंट नियुक्त कर सकता है। उन्होंने सवाल किया कि विपक्ष के एजेंट यह काम क्यों नहीं कर रहे। उन्होंने कहा कि जिनका पता बदल गया है या जिनका नाम छूट गया है, वे तय फॉर्म भरकर नाम फिर जुड़वा सकते हैं।
उन्होंने पश्चिम बंगाल का उदाहरण दिया, जहां उनके मुताबिक तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार कई ऐसी सीटों पर जीते जहां बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने की खबरें थीं। उन्होंने युवाओं को मतदान के अधिकार से वंचित करने के आरोप को भी खारिज किया और कहा कि सूची में नए युवा मतदाता जोड़े गए हैं।
घुसपैठ का मुद्दा
पात्रा ने चुनाव आयोग का बचाव किया और कहा कि विपक्ष पुनरीक्षण की वजह से नहीं, बल्कि अपनी कमज़ोर राजनीतिक स्थिति की वजह से चुनाव हार रहा है। उन्होंने पश्चिम बंगाल में घुसपैठ और ऐसे लोगों के नाम मतदाता सूची में शामिल होने का मुद्दा भी उठाया, और कहा कि वोट का अधिकार सिर्फ भारतीय नागरिकों को होना चाहिए।
उनकी यह टिप्पणी दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन की रैली के एक दिन बाद आई, जहां राहुल गांधी ने कहा था कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को एक दिन हटाया जाएगा और “देशद्रोह के लिए जेल भेजा जाएगा”।