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टाटा स्टील का दूसरी तिमाही का मुनाफा 18% बढ़कर ₹3,666 करोड़, भारत कारोबार ने संभाला
11 दिन की देरी से आए नतीजों में भारत का कारोबार ₹5,055 करोड़ कमा रहा है, जबकि ब्रिटेन की इकाई घाटे में है। नोएल टाटा 11 नवंबर को उपाध्यक्ष पद से रिटायर होंगे।

मुख्य बातें
- सितंबर तिमाही में समेकित शुद्ध मुनाफा 18.2% बढ़कर ₹3,666.41 करोड़ रहा, राजस्व ₹65,436 करोड़।
- भारत कारोबार का कर-पश्चात मुनाफा ₹5,055 करोड़ रहा, 19.9% की बढ़त, ईबिटा मार्जिन 25%।
- नोएल टाटा रिटायर होंगे: 11 नवंबर को कारोबार बंद होने पर उपाध्यक्ष और निदेशक पद छोड़ेंगे।
टाटा स्टील का जुलाई-सितंबर तिमाही का समेकित शुद्ध मुनाफा 18.2% बढ़कर ₹3,666.41 करोड़ रहा, जो साल भर पहले ₹3,101.75 करोड़ था। भारत में मज़बूत बिक्री ने ब्रिटेन के घाटे की भरपाई की। राजस्व ₹65,436.24 करोड़ रहा, जो साल भर में 11.5% और पिछली तिमाही से 7.6% ज़्यादा है।
बोर्ड ने शनिवार को नतीजे मंजूर किए, जबकि बैठक 27 अक्टूबर से टाली गई थी। मुनाफा अप्रैल-जून तिमाही से 58.1% ज़्यादा रहा। समेकित ईबिटा ₹10,665 करोड़ रहा, तिमाही में 14% ऊपर, और प्रति टन ईबिटा ₹13,000 से ऊपर बना रहा। डिलीवरी तिमाही में 9% बढ़कर 79.2 लाख टन रही।
भारत ने संभाला बोझ
भारत कारोबार का राजस्व ₹42,653 करोड़ रहा, साल भर में 22.6% ऊपर, और कर-पश्चात मुनाफा ₹5,055 करोड़ रहा, 19.9% की बढ़त। प्रति टन ईबिटा ₹17,790 और मार्जिन 25% रहा, जबकि बिक्री मात्रा तिमाही में 16% बढ़ी।
मुख्य कार्यकारी टी वी नरेंद्रन ने कहा, “भारत हमारे प्रदर्शन की आधारशिला बना रहा।” मुख्य वित्त अधिकारी कौशिक चटर्जी ने कहा कि भारत में ज़्यादा बिक्री और नीदरलैंड कारोबार के सामान्य होने से कच्चे माल की ऊंची लागत की भरपाई हुई।
यूरोप अब भी बोझ
नीदरलैंड इकाई का राजस्व ₹15,330 करोड़ रहा, जो साल भर पहले ₹15,719 करोड़ था। उसका ईबिटा ₹790 करोड़ रहा, पिछले साल के ₹916 करोड़ से कम, लेकिन पहली तिमाही के ₹39 करोड़ से काफी ऊपर। बेहतर कीमतों और अगस्त की शुरुआत में डायरेक्ट शीट प्लांट के दोबारा चालू होने से मदद मिली।
ब्रिटेन की इकाई घाटे में रही। राजस्व ₹5,927 करोड़ से घटकर ₹5,275 करोड़ रह गया और ईबिटा घाटा ₹719 करोड़ रहा, जो साल भर पहले के ₹765 करोड़ से थोड़ा कम, पर पहली तिमाही के ₹341 करोड़ से ज़्यादा है। डिलीवरी तिमाही में 22% गिरी, जिसकी वजह कंपनी ने कमज़ोर मांग और 1 जुलाई से लागू संशोधित व्यापार उपायों से पहले स्टॉक जमा होना बताई।
कर्ज़, पूंजीगत खर्च और ऑडिट टिप्पणी
कंपनी ने तिमाही में करीब ₹3,280 करोड़ और छमाही में ₹6,860 करोड़ पूंजीगत परियोजनाओं पर खर्च किए। शुद्ध कर्ज़ ₹91,423 करोड़ रहा, यानी ईबिटा का 2.4 गुना।
अकेली कंपनी (स्टैंडअलोन) के स्तर पर मुनाफा ₹5,053.64 करोड़ और राजस्व ₹43,103.55 करोड़ रहा। ऑडिटरों ने स्टैंडअलोन खातों पर सशर्त (क्वालिफाइड) राय दी है, क्योंकि टाटा स्टील नीदरलैंड को लेकर अनिश्चितता है, जिसका बही मूल्य ₹59,078.13 करोड़ है। समेकित खातों के लिए समीक्षकों ने उसी इकाई के मूल्य-ह्रास के संकेतों की ओर ध्यान दिलाया।
नोएल टाटा की विदाई
कंपनी ने यह भी बताया कि नोएल नवल टाटा 11 नवंबर को कारोबार बंद होने पर रिटायर होंगे। वे गैर-कार्यकारी निदेशक और उपाध्यक्ष हैं और टाटा समूह के गवर्नेंस दिशानिर्देशों के तहत पद छोड़ेंगे। वे मार्च 2022 से कंपनी से जुड़े हैं।