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दिवाली से पहले उत्तर प्रदेश में महंगाई भत्ता 3 अंक बढ़कर 63%
बढ़ा हुआ भत्ता 1 जुलाई 2026 से लागू होगा और नवंबर के वेतन के साथ मिलेगा। जुलाई से अक्टूबर तक के चार महीने का बकाया हर तरह के फंड के लिए अलग नियमों से दिया जाएगा।

मुख्य बातें
- उत्तर प्रदेश के राज्य कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 60% से बढ़कर 63% हुआ, 1 जुलाई 2026 से प्रभावी।
- बढ़ी दर नवंबर 2026 के वेतन के साथ मिलेगी, और बकाया 1 जुलाई से 31 अक्टूबर तक का है।
- बकाये का भुगतान फंड के प्रकार के हिसाब से अलग है: जीपीएफ, एनपीएस और सेवानिवृत्त हो रहे कर्मचारियों के लिए नियम अलग हैं।
उत्तर प्रदेश सरकार ने शनिवार को राज्य कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 3 प्रतिशत अंक बढ़ाकर 63% कर दिया, जो अब तक 60% था। बढ़ोतरी 1 जुलाई 2026 से प्रभावी है और दिवाली से ठीक पहले घोषित की गई।
बढ़ा हुआ भत्ता नवंबर 2026 के नियमित वेतन के साथ मिलेगा। आदेश में 1 जुलाई से 31 अक्टूबर तक के चार महीनों का बकाया भी शामिल है।
किन्हें मिलेगा
संशोधन राज्य सरकार के कर्मचारियों, सहायता प्राप्त शैक्षिक और तकनीकी संस्थानों के स्टाफ, नगरीय निकायों के नियमित और पूर्णकालिक कर्मचारियों, कार्यप्रभारित कर्मचारियों और यूजीसी वेतनमान वालों पर लागू है, आदेश की शर्तों के अधीन।
बकाये का भुगतान कैसे होगा
कर्मचारी को बकाया कैसे मिलेगा, यह उसके फंड पर निर्भर है।
- सामान्य भविष्य निधि (जीपीएफ) वाले कर्मचारी: बकाया तय सीमा और आयकर कटौती के बाद उनके जीपीएफ खाते में जमा होगा। यह 1 नवंबर 2027 तक वहीं रहेगा, और अंतिम निकासी असाधारण मामलों के नियमों से होगी।
- राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) वाले कर्मचारी: बकाये का 10% टियर-1 खाते में जाएगा, जिसमें राज्य 14% और जोड़ेगा। शेष 90% पीपीएफ खाते या राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्रों में जाएगा, और प्रमाणपत्र उपलब्ध न हों तो नकद मिलेगा।
- सेवानिवृत्त कर्मचारी: जो 1 जुलाई 2026 से आदेश जारी होने की तारीख तक रिटायर हुए, और जो छह महीने के भीतर रिटायर होंगे, उन्हें पात्र बकाया पूरा नकद मिलेगा।
अब स्थिति
नई दर से उत्तर प्रदेश पड़ोसी हरियाणा के बराबर आ गया है, जिसने भी 6 नवंबर को अपना महंगाई भत्ता 60% से 63% किया था। आदेश में राज्य के खजाने पर बोझ नहीं बताया गया, और लाभार्थी कर्मचारियों की संख्या भी रिपोर्ट किए गए आदेश में नहीं दी गई।